प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में आयोजित ‘बस्तर पंडुम’ को बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत का भव्य उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले बस्तर की पहचान माओवाद और पिछड़ेपन से जुड़ी थी, लेकिन अब यह क्षेत्र शांति, विकास और बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि बस्तर अब सांस्कृतिक गौरव और समावेशी विकास की नई पहचान बना रहा है।