कोलकाता, 19 मार्च । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले गर्म सियासी माहौल के बीच नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को भवानीपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर “अत्याचार” करने का आरोप लगाया।
भवानीपुर में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचने पर शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि स्थानीय लोग—फेरीवाले, टैक्सी चालक और छोटे दुकानदार—सरकार से परेशान हैं और उनसे मदद की अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों ने मुझे अपना मोबाइल नंबर देने को कहा है। मैं यहां उन्हें बचाने आया हूं।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि उनके आगमन से पहले तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता इलाके में मौजूद थे ताकि उन्हें रोका जा सके और काले झंडे दिखाए जा सकें। हालांकि, उन्होंने कहा कि उनके पहुंचने से पहले ही वे वहां से चले गए, जिसे उन्होंने “अच्छा संकेत” बताया।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य में बदलाव की शुरुआत हो चुकी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “परिवर्तन की लहर” चल रही है, जो जल्द ही “सुनामी” में बदल जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से 25 हजार से 30 हजार वोटों से हारेंगी।
पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा सीटों के लिए 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि मतगणना चार मई को होगी। भवानीपुर सीट इस चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में से एक है, जहां ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है।
शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की इच्छा पर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय से उन्हें इस सीट से चुनाव लड़ने का मौका मिला है।
वह नंदीग्राम सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं, जहां वह पहले तृणमूल कांग्रेस और बाद में भाजपा के विधायक रह चुके हैं।
गौरतलब है कि भवानीपुर सीट 2011 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी, जिसमें पूर्व के अलीपुर विधानसभा क्षेत्र और चौरंगी विधानसभा क्षेत्र के कुछ हिस्सों को मिलाया गया था। यहां का सामाजिक और सामुदायिक मतदाता समीकरण इस मुकाबले को और भी महत्वपूर्ण बनाता है।

