फिल्म समीक्षा : इश्क, इमोशंस और आज के रिश्तों की सच्ची कहानी है दो दीवाने सहर में
आज के दौर में, जहां रिश्ते अक्सर रील्स, चैट्स और आर्टिफिशियल इमोशन्स में उलझकर रह जाते हैं, 'दो दीवाने सहर में' एक ऐसी फिल्म बनकर सामने आती है, जो प्यार की उस सादगी को फिर से जिंदा करती है, जिसे हम कहीं पीछे छोड़ आए हैं। रवि उदयवार के निर्देशन में बनी यह फिल्म न तो भारी-भरकम ड्रामा करती है और न ही बड़े-बड़े दावे, बल्कि धीरे-धीरे आपके दिल में अपनी जगह बना लेती है।























































