सिस्टम अपडेट के नाम पर राज्य सरकार ठग रही: अविनाश वर्मा
राज्य कर्मियों के वेतन भुगतान विलंब पर तंज
पलामू : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्य समिति सदस्य अविनाश कुमार वर्मा ने एक बयान जारी कर झारखंड सरकार द्वारा अपने राज्य कर्मियों को मार्च माह का वेतन अभी तक नहीं दिए जाने पर आश्चर्यचार्ज प्रकट किया है।
अविनाश वर्मा ने कहा की झारखंड अलग होने के अब 26 वर्ष होने को है और यह पहला ऐसा अवसर है जहां आज अप्रैल महीने के 10 दिन बीत जाने के बावजूद राज्य सरकार अपने अधीनस्थ कर्मचारीयों, मानदेय धारकों को निविदा धारकों समेत सभी जनप्रतिनिधियों को अभी तक वेतन का भुगतान कर पाने में अक्षम रही है।
अविनाश वर्मा ने कहा कि झारखंड राज्य में लगभग 2 लाख 35 हजार 9 सौ 30 वेतन भोगी है जबकि करीब 40 से 45 हजार मानदेय एवं निविदा धारक कर्मी है और यह तमाम लोग आज 10 अप्रैल खत्म होने के बावजूद भुगतान के इंतजार में है जबकि बजट सत्र समाप्त हुए भी 15 दिन हो गए।
उन्होंने कहा की राज्य सरकार सिस्टम अपग्रेड के नाम पर राज्य कर्मियों को गुमराह कर रही है जबकि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वेतन भुगतान में विलंब का मुख्य कारण खजाना खाली होना है। ऐसे में राज्य कर्मियों को बगैर विश्वास में लिए तकनीकी कार्यों को आधार बनाकर बाजार और घर के रौनक को छिनने का काम यह सरकार कर रही है जो अत्यंत चिंतनीय है।
अविनाश वर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि जब सरकार के खजाने खाली हैं तो ऐसे में माननीय मुख्यमंत्री के विदेश दौरे के साथ करोड़ों के मुख्यमंत्री आवास का निर्माण और करोड़ों रुपए के नई-नई गाड़ियां सरकारी परिसरों की शोभा बढ़ा रही है जबकि मानदेय और निविदा धारक लोगों को चिढ़ाने का काम कर रही है जो लगातार 30 दिनों तक काम कर अपने वेतन के इंतजार में है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी गलत नीतियों के कारण आर्थिक दंश का सामना झेल रही है जिसका परिणाम है कि महीनों से वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, संवेदकों के भुगतान के साथ साथ अपनी अति महत्वाकांक्षी योजना मैया सम्मान योजना की राशि भी देने में अब बंगले झांक रही है।
अविनाश वर्मा ने गठबंधन नीत सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि अभी भी समय है वक्त रहते अपने फिजूल खर्ची पर लगाम लगाए और राज्य कर और धन संग्रह वाले विभागों को लक्ष्य प्राप्ति हेतु कठोर निर्देश देते हुए राज्य के खजाने को झारखंड और झारखंड वासियों के हित में प्रयोग करें ना कि झूठे प्रचार प्रसार में करोड़ों रुपए पोस्ट और बैनर लगाने के नाम पर उड़ा दे।

