अदालत ने यह फैसला न्यायमूर्ति राजेश कुमार के साथ हुई नोकझोंक के मामले में सुनाया। पहले इस घटना को गंभीर मानते हुए अदालत ने अवमानना नोटिस जारी किया था। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पूर्ण पीठ ने अधिवक्ता की बिना शर्त माफी स्वीकार करते हुए कार्यवाही समाप्त करने का आदेश दिया। बताया गया कि पूर्व सुनवाई में अधिवक्ता अदालत में उपस्थित हुए और अपने व्यवहार पर माफी मांगी। इसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब सुनाते हुए उन्हें राहत दी गई।
अधिवक्ता महेश तिवारी को राहत, आपराधिक अवमानना कार्यवाही समाप्त
