बांदा: जब
पूरा देश 26 जनवरी को संविधान और लोकतंत्र के उत्सव में डूबा हुआ था, उसी
दिन बांदा जनपद से एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई जिसने हर किसी को झकझोर कर
रख दिया। मुकदमे में हार और उससे उपजे मानसिक तनाव से आहत सगे भाई-बहन ने
एक साथ जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। नदी किनारे मिले दोनों शवों
ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में
डाल दिया।
सोमवार दोपहर करीब साढ़े चार बजे दोनों
स्कूटी से घर से निकले और बरछा पुल से लगभग 100 मीटर दूर नदी किनारे
पहुंचकर सल्फास की गोलियां खा लीं। खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने
दोनों को अचेत अवस्था में देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर
पहुंची पुलिस ने दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां
डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी
बबेरू सौरभ सिंह ने मंगलवार को बताया कि प्रथम दृष्टया आत्महत्या का कारण
पारिवारिक कलह प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने दोनों शवों को
कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में नरैनी थाना क्षेत्र में
गणतंत्र दिवस के दिन एक हृदयविदारक घटना सामने आई। कोतवाली क्षेत्र के
शास्त्री नगर मोहल्ला निवासी आनंद प्रकाश गुप्ता (30) और उनकी अविवाहित बहन
चंचल गुप्ता (34) ने संदिग्ध परिस्थितियों में बरछा पुल के पास बागै नदी
के किनारे जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि
आनंद प्रकाश ने अपनी चाची से किराए पर दुकान ले रखी थी, जिसे खाली कराने को
लेकर न्यायालय में मुकदमा चल रहा था। हाल ही में मुकदमे में हार होने के
बाद वह गहरे तनाव में था। इसी मानसिक दबाव के चलते युवक ने अपनी बहन के साथ
यह खौफनाक कदम उठा लिया।

