जोशी ने कहा-ऊर्जा परिवर्तन के साथ-साथ ग्रिड परिवर्तन भी होना चाहिए
नई
दिल्ली, केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री
प्रल्हाद जोशी ने बुधवार को भारत मंडपम के हॉल नंबर 14 में इंडिया एआई
इंपैक्ट समिट में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) के पवेलियन का दौरा
किया। इस दौरान जोशी ने ग्लोबल मिशन ऑन एआई फॉर एनर्जी को आगे बढ़ाने वाली
प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों की एक श्रृंखला की समीक्षा की।
पवेलियन
में ऐसे व्यावहारिक और स्केलेबल मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं, जो ये दर्शाते
हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल प्लेटफॉर्म और भू-स्थानिक
उपकरण किस प्रकार उपयोगिताओं को आधुनिक बना सकते हैं। नवीकरणीय ऊर्जा
एकीकरण को तेज कर सकते हैं और आईएसए सदस्य देशों में ऊर्जा सुदृढ़ता ला
सकते हैं।
ऊर्जा परिवर्तन से ग्रिड परिवर्तन तक
जैसे-जैसे
वितरित नवीकरणीय ऊर्जा तेजी से विस्तारित हो रही है, फोकस केवल नई क्षमता
जोड़ने से हटकर लाखों विकेंद्रीकृत संसाधनों को स्थिर और विश्वसनीय ग्रिड
में समेकित करने की दिशा में परवर्तित हो रहा है। इसके लिए मजबूत
ट्रांसमिशन अवसंरचना, आधुनिक वितरण नेटवर्क और वास्तविक समय में निगरानी
करने वाली प्रणालियों की आवश्यकता होती है। जोशी ने इस बात का उल्लेख किया
कि ऊर्जा परिवर्तन के साथ-साथ ग्रिड परिवर्तन भी होना चाहिए, जिसमें
डेटा-आधारित पूर्वानुमान और वास्तविक समय अनुकूलन से संचालित लचीले, डिजिटल
और इंटेलिजेंट ग्रिड का निर्माण किया जाए।
दिल्ली, राजस्थान और
आंध्र प्रदेश जैसे राज्य डिजिटलीकरण, स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल नियंत्रण
प्रणालियों को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे ऊर्जा हानि कम हो रही है और
नवीकरणीय ऊर्जा का उच्च स्तर शामिल करना संभव हो रहा है। ये अनुभव उन
विकासशील देशों के लिए मूल्यवान सबक प्रदान करते हैं जो अपने बिजली क्षेत्र
को आधुनिक बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
भारत की सौर यात्रा: बड़े पैमाने पर दृष्टि
भारत
की सौर क्षमता 2014 में 3 गीगावाट से भी कम थी, जो आज 141 गीगावाट से अधिक
हो गई है, जिससे देश विश्व के सबसे तेजी से बढ़ते सौर बाजारों में शामिल
हो गया है। सौर ऊर्जा अब भारत की विकास रणनीति और ऊर्जा सुरक्षा ढाँचे का
प्रमुख हिस्सा बन गई है। इस यात्रा की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सौर ऊर्जा को
सर्वसुलभ बनाना रही है। पीएम-कुसुम के माध्यम से किसान ऊर्जा उत्पादक बन
रहे हैं, लाखों सौर पंप डीज़ल पर निर्भरता कम कर रहे हैं और दिन के समय
विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं।
फीडर स्तर पर सौर
ऊर्जा अपनाने से बिजली की आपूर्ति की गुणवत्ता सुधर रही है और वितरण हानि
कम हो रही है। इसी तरह, एक करोड़ घरों को लक्षित करने वाली पीएम सूर्य घर:
मुफ्त बिजली योजना दुनिया का सबसे बड़ा रूफटॉप सौर कार्यक्रम बनने की राह
पर है। यह योजना उपभोक्ताओं को उत्पादक-उपभोक्ता में बदल रही है और
देशव्यापी वितरित ऊर्जा प्रणालियों को मजबूत कर रही है।
सुदृढ़ और समावेशी ऊर्जा भविष्य के लिए एआई
125
सदस्यों और हस्ताक्षरकर्ता देशों के साथ, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन
(आईएसए) व्यावहारिक और अनुकरणीय समाधानों को बड़े पैमाने पर लागू करने के
लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करता है। ग्लोबल मिशन ऑन एआई फॉर एनर्जी के
माध्यम से, आईएसए सौर ऊर्जा और डिजिटल इंटेलिजेंस के संयोजन को बढ़ावा दे
रहा है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लोड पूर्वानुमान, भविष्यसूचक
रखरखाव, ग्रिड अनुकूलन और नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण को महत्वपूर्ण रूप से
बेहतर बना सकती है, जिससे दक्षता, किफायतीपन और मजबूती बढ़ती है। जोशी ने
जोर देकर कहा कि भारत की सौर सफलता केवल स्थापित मेगावाट तक सीमित नहीं है,
बल्कि यह नागरिकों को सशक्त बनाने, किसानों की सहायता करने, उपयोगिताओं को
मजबूत करने और अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने में भी है।
प्रस्तुत प्रमुख नवाचारों में निम्नलिखित शामिल हैं:-
डिजिटल कंज़्यूमर इंटरफेस–वन सोलर ऐप:-
बीएसईएस
राजधनी पावर लिमिटेड द्वारा विकसित यह एकीकृत “वन सोलर ऐप” रूफटॉप सौर
ऊर्जा अपनाने की प्रक्रिया को डिजिटल पंजीकरण, पारदर्शी नेट-मीटरिंग
प्रक्रियाओं, प्रदर्शन ट्रैकिंग और एकीकृत सेवा प्रदायगी के माध्यम से सरल
बनाता है। यह प्लेटफ़ॉर्म उपभोक्ताओं के लिए सुविधा बढ़ाता है और वितरण
उपयोगिताओं के लिए संचालन की पारदर्शिता सुधारता है।
बिजली वितरण कंपनियों के लिए डिजिटल ट्विन समाधान:-
भारतीय
स्टार्टअप्स डिजिटल ट्विन—बिजली वितरण नेटवर्क की वर्चुअल प्रतिकृति का
उपयोग कर रहे हैं, जो रीयल-टाइम सिमुलेशन, नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण मॉडलिंग,
भविष्यसूचक रखरखाव और परिदृश्य-आधारित योजना को सक्षम बनाती है। ये समाधान
संचालन दक्षता बढ़ाते हैं और तकनीकी हानियों तथा निवेश जोखिम को कम करते
हैं।
जीआईएस-आधारित वितरण आधुनिकीकरण:-
आंध्र प्रदेश ईस्टर्न
पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा किए गए मानचित्रण सहित
भूस्थानिक मानचित्रण पहल (जीआईएस), संपत्ति स्तर की दृश्यता और अवसंरचना का
अनुकूलन प्रदान करते हैं। जीआईएस -सक्षम योजना आउटेज प्रबंधन, पूंजी आवंटन
और उच्च नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण के लिए तैयारी को मजबूत बनाती है।
सौर
ऊर्जा, स्टोरेज, स्मार्ट ग्रिड और एआई का संगम भविष्य की वैश्विक ऊर्जा
प्रणाली को परिभाषित करेगा, और स्वच्छ, स्मार्ट और समावेशी ऊर्जा भविष्य को
आगे बढ़ाने के लिए भारत आईएसए सदस्य देशों के साथ साझेदारी करने के लिए
तैयार है।
AI Impact Sumit : प्रल्हाद जोशी ने इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में आईएसए पवेलियन का दौरा किया
