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बिहार विधानसभा के बजट सत्र में इथेनॉल, पत्रकार पेंशन और नशे का मुद्दा उठा


जनता दल यूनाइटेड (जदयू)के विधायक श्याम रजक ने इथेनॉल प्लांट से इथेनॉल खरीद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्लांट के बंद होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। उन्होंने कहा कि जब अन्य राज्यों में अधिक इथेनॉल खरीदा जा रहा है, तब बिहार का कोटा आधा कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं बक्सर इथेनॉल प्लांट गए थे, इसके बावजूद समस्या बरकरार है। प्लांट बंद होने की स्थिति में मजदूरों के बेरोजगार होने की आशंका जताई गई।

इस पर उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने जवाब देते हुए कहा कि अनुबंध के तहत 1060 किलोलीटर प्रतिदिन इथेनॉल उत्पादन की बाध्यता थी, लेकिन उत्पादन 1602 किलोलीटर प्रतिदिन से अधिक होने लगा। सरकार 1060 किलोलीटर लेने के लिए बाध्य है, फिर भी इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र लिखा गया है।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के विधायक अजय कुमार ने पत्रकार पेंशन नियमावली 2015 का मुद्दा उठाया। जवाब में मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि न्यूनतम सेवा अवधि के आधार पर ही पेंशन दी जाती है और कई राज्यों की तुलना में बिहार में अधिक पेंशन दी जा रही है।

अजय कुमार ने कहा कि वर्तमान में केवल 75 पत्रकारों को पेंशन मिल रही है, जबकि पात्र पत्रकारों की संख्या अधिक है। इस पर मंत्री ने कहा कि अधिकांश पत्रकारों के पास 20 वर्ष का अनुभव नहीं है। सरकार इस विषय पर नई समिति बनाकर विचार करेगी।

सहरसा से विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता ने भी राज्य में बढ़ते सुखा नशे के मामलों पर प्रश्न उठाया और कहा कि 14 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं।

इस पर उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने जवाब दिया कि सरकार सुखा नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर नारकोटिक्स विभाग का गठन किया गया है। बिहार की सीमाओं पर एक उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि सुखा नशे के खिलाफ हर हाल में कार्रवाई जारी रहेगी।