झामुमो सदस्य आलोक कुमार सोरेन ने झारखंड विधानसभा बजट सत्र के दौरान सदन में शनिवार को एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर तीखी चर्चा के बीच केंद्र सरकार और भाजपा को घेरा। संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया। बजट सत्र के दूसरी पाली में भोजनावकाश के बाद उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है, वहां मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के नाम पर वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार, बंगाल सहित अन्य राज्यों में इस प्रक्रिया के जरिए मताधिकार पर प्रहार किया जा रहा है। और अब झारखंड की बारी है। यह पूरी तरह लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है।
सोरेन ने कहा कि संप्रदायिक राजनीति से ऊबकर जनता ने राज्य में हेमंत सोरेन की सरकार पर विश्वास जताया है। सरकार ने विकास की लंबी लकीर खींची है। गांवों को मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उनका कहना था कि जब गांव मजबूत होगा तभी राष्ट्र और देश की उन्नति संभव है। इसी सोच के तहत ग्राम सभाओं को सशक्त करने के लिए कार्य किए जा रहे। सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत अधिकारियों को गांव-गांव भेजा जा रहा है।
आलोक सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार ने एसटी, एससी, माताओं-बहनों सहित सभी वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है। सरकार ने कभी यह नहीं देखा कि किसने वोट दिया और किसने नहीं, बल्कि हर वर्ग के हित में काम किया।
उन्होंने केंद्र सरकार पर ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्यों की निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है। झारखंड में बीते दिनों इसे देखा गया। किस तरह हेमंत सोरेन को परेशान किया गया था। लेकिन यह डरने वाली सरकार नहीं है। सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार राज्य को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है, जबकि केंद्र सरकार बाधाएं उत्पन्न कर रही है।
जहां भाजपा सरकार नहीं वहां काटे जा रहे वोटर्स के नाम : आलोक सोरेन
