कोलकाता: पश्चिम
बंगाल के हजारों शिक्षित युवाओं के लंबे समय से चले आ रहे इंतज़ार का अंत
करते हुए स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) ने बुधवार देर शाम उच्च माध्यमिक (कक्षा
11वीं–12वीं) के लिए शिक्षक नियुक्ति की अंतिम मेधा सूची जारी कर दी। आयोग
के अनुसार, इस सूची में कुल लगभग 18 हजार 900 अभ्यर्थियों के नाम शामिल
हैं, जिनमें से 12 हजार 445 रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
आयोग
ने इस बार नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतते हुए पैनल, प्रतीक्षा
सूची (वेटिंग लिस्ट) के साथ-साथ असफल अभ्यर्थियों की सूची भी सार्वजनिक की
है। उल्लेखनीय है कि 11वीं–12वीं श्रेणी के 35 विषयों में कुल 12 हजार 445
रिक्तियां घोषित की गई थीं। इस नियुक्ति प्रक्रिया के तहत पहले चरण
में 19 हजार 921 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। बाद में उच्च न्यायालय के
निर्देश पर 156 अन्य अभ्यर्थियों को भी दस्तावेज़ सत्यापन के लिए आमंत्रित
किया गया। इस प्रकार कुल 20 हजार 077 अभ्यर्थी इस प्रक्रिया में शामिल हुए।
दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया 18 नवंबर से चार दिसंबर तक चली।
दस्तावेज़
सत्यापन के दौरान 1 हजार 287 अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी निरस्त कर दी गई।
आयोग सूत्रों के अनुसार, इसके पीछे मुख्य कारण आयु सीमा, जाति प्रमाण पत्र
और शैक्षणिक योग्यता से संबंधित विसंगतियां रहीं। इसके अतिरिक्त,
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कक्षा नौवीं–दसवीं और शिक्षणेतर
कर्मचारियों की नियुक्ति में अनियमितताओं के कारण ‘दागी’ करार दिए गए 269
अभ्यर्थियों को भी सूची से बाहर किया गया है। साक्षात्कार के पश्चात 303
अन्य अभ्यर्थियों के नाम भी हटाए गए हैं।
परामर्श तिथि पर सस्पेंस
अब
अभ्यर्थियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि नियुक्ति के लिए परामर्श
(काउंसलिंग) प्रक्रिया कब से शुरू होगी। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने
बताया कि गुरुवार से सोमवार तक राजकीय अवकाश है। ऐसे में 27 जनवरी, मंगलवार
को कार्यालय खुलने के बाद ही परामर्श तिथियों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। हालांकि,
विकास भवन के सूत्रों का संकेत है कि आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में
रखते हुए इसी माह के अंत तक काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
पृष्ठभूमि में पुराना विवाद
गौरतलब
है कि तीन अप्रैल को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर राज्य में लगभग 26
हजार शिक्षकों और शिक्षणेतर कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द कर दी गई थीं।
इसके बाद नए सिरे से परीक्षा और चयन प्रक्रिया शुरू की गई। वर्तमान
सूची को लेकर भी विवाद सामने आए हैं। कई अभ्यर्थियों का आरोप है कि
‘योग्य’ और ‘कार्यरत’ शिक्षकों को अनुभव के 10 अंक दिए जाने के बावजूद अनेक
पात्र उम्मीदवार अंतिम सूची से बाहर रह गए हैं या उन्हें प्रतीक्षा सूची
में डाल दिया गया है।