कोलकाता, 18 मार्च । लंबे समय तक पार्टी के अंदरूनी विवादों के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष एक बार फिर सक्रिय राजनीति के केंद्र में लौट आए हैं। पार्टी ने उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पश्चिम मेदिनीपुर जिले की खड़गपुर सदर सीट से उम्मीदवार बनाया है।
बुधवार सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान पत्रकारों से बातचीत में दिलीप घोष ने बड़ा लक्ष्य तय करते हुए कहा कि इस बार उनका लक्ष्य एक लाख वोट हासिल करना है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि खड़गपुर की जनता उन्हें चाहती है और वे अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।
उन्होंने कहा कि मैं यहां दो बार चुनाव लड़ चुका हूं और दोनों बार जीता हूं। यहां भाजपा ही जीतती है। हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि पार्टी (तृणमूल) से है। खड़गपुर में आमतौर पर मतदान प्रतिशत कम रहता है, लेकिन इस बार हमारा लक्ष्य एक लाख वोट हासिल करना है।
तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार सूची पर तंज कसते हुए घोष ने कहा कि ममता बनर्जी बेहद कठिन स्थिति से गुजर रही हैं। उन्होंने कहा, “अगर ऐसा नहीं होता तो वे 74 मौजूदा विधायकों का टिकट नहीं काटतीं। पहले वे किसी को भी उम्मीदवार बनाकर खुद को 294 सीटों की उम्मीदवार बताती थीं, लेकिन अब वह स्थिति नहीं रही। उनकी पार्टी अब भ्रष्टाचार का प्रतीक बन चुकी है।”
उन्होंने आगे कहा कि ममता बनर्जी इस कदर भ्रमित हैं कि उन्हें यह भी समझ नहीं आ रहा कि उन्हें किससे लड़ना है—चुनाव आयोग, अदालत या केंद्रीय बलों से। उन्होंने दावा किया कि राज्य में बदलाव तय है।
गौरतलब है कि दिलीप घोष 2016 में खड़गपुर सदर सीट से विधायक चुने गए थे। 2019 में उन्होंने इस सीट से इस्तीफा देकर लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। लेकिन 2024 में उन्हें मेदिनीपुर से हटाकर बर्धमान-दुर्गापुर सीट से चुनाव लड़ाया गया, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वे पार्टी में काफी हद तक निष्क्रिय हो गए थे। पिछले कुछ वर्षों में पार्टी के भीतर पुराने और नए नेताओं के बीच टकराव के चलते वे हाशिए पर चले गए थे।
बताया जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कोलकाता दौरे के दौरान भी उन्हें मंच पर जगह नहीं मिली थी, जिस पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से नाराजगी भी जताई थी।
हालांकि, 2026 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी नेतृत्व ने एक बार फिर दिलीप घोष पर भरोसा जताया है और उन्हें उनकी पसंदीदा सीट खड़गपुर सदर से मैदान में उतारकर सियासी समीकरण बदलने की कोशिश की है।
विस चुनाव 2026 : खड़गपुर में दिलीप घोष की दमदार वापसी, एक लाख वोट का लक्ष्य
