कोलकाता, 20 अप्रैल। राज्य भाजपा के सॉल्ट लेक स्थित कार्यालय में सोमवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि देश-विदेश में फैले बंगाली डायस्पोरा (प्रवासी समुदाय) का पश्चिम बंगाल से भावनात्मक जुड़ाव है और वे राज्य में परिवर्तन चाहते हैं। इस अवसर पर वे प्रवासी बंगाली भी मौजूद थे जो राज्य में बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं।
अपने संबोधन की शुरुआत में शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि दुनिया भर में फैले बंगाली समुदाय का बंगाल के साथ गहरा संबंध है। वे राज्य में निवेश करना चाहते हैं और यहां की वर्तमान स्थिति में बदलाव देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में प्रवासी बंगाली प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ भाजपा के सचिव युधाजीत सेन मजूमदार भी उपस्थित थे।
युधाजीत सेन मजूमदार ने कहा कि यह चुनाव एक सामान्य चुनाव नहीं है। पिछले 34 वर्षों और उसके बाद बीते 15 वर्षों में जिस तरह से पश्चिम बंगाल में गिरावट आई है, उसे देखते हुए यदि इस बार बदलाव नहीं हुआ तो राज्य के पास वापसी का कोई अवसर नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल इस समय एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है और दुनिया भर में फैले राष्ट्रवादी बंगाली इस परिवर्तन की अपेक्षा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि पश्चिम बंगाल अपने वास्तविक स्वरूप में नहीं रहेगा तो बंगालियों की पहचान भी संकट में पड़ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया भर में बसे बंगालियों ने देखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय पासपोर्ट वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचा है, लेकिन बंगाल की वर्तमान स्थिति चिंता का विषय है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो भाजपा सरकार है, उसी तरह की सरकार पश्चिम बंगाल में भी बननी चाहिए।
अपने वक्तव्य के अंत में युधाजीत सेन मजूमदार ने कहा कि दुनिया भर में बसे बंगाली पश्चिम बंगाल में निवेश करना चाहते हैं, व्यापार करना चाहते हैं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे आधुनिक क्षेत्रों में काम करना चाहते हैं। लेकिन राज्य में नई सरकार बनने तक उन्हें भरोसा नहीं मिल रहा है। इसलिए राज्य में परिवर्तन अवश्यंभावी है।
प्रवासी बंगाली भी चाहते हैं बंगाल में परिवर्तन : शमिक भट्टाचार्य
