आसनसोल, 20 मार्च । आसनसोल उत्तर विधानसभा पश्चिम बंगाल का एक प्रमुख औद्योगिक और सांस्कृतिक केंद्र है, जो दामोदर नदी के किनारे बसा है। यह कोयला खदानों और औद्योगिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है, जो इसके ऐतिहासिक महत्व का आधार है। यह क्षेत्र मिश्रित संस्कृति, धार्मिक सहिष्णुता (मंदिरों और चर्चों का संगम) और राजनीतिक रूप से सक्रिय समाज के लिए सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण है।
ऐतिहासिक रूप से आसनसोल का विकास कोयला खनन और रेलवे के विस्तार के साथ हुआ है। यह बर्नपुर के पास होने के कारण स्टील उद्योग से भी गहरे से जुड़ा है, जो इसे राज्य का दूसरा सबसे बड़ा औद्योगिक शहर बनाता है।यहां बंगाली, हिंदी भाषी, बिहारी और अन्य समुदायों का मिश्रण देखने को मिलता है, जो इसे एक धर्मनिरपेक्ष और मिश्रित संस्कृति वाला शहर बनाता है। माना जाता है कि यह क्षेत्र प्राचीन विष्णुपुर राज्य का हिस्सा था, जहां मल्ल राजवंश का शासन था। यहां की संस्कृति में बंगाली और झारखंडी लोक कलाओं का गहरा प्रभाव है। आसनोदर नदी के तट पर स्थित, यह क्षेत्र खनिजों से समृद्ध है, जिसने इसे औपनिवेशिक काल से ही एक रणनीतिक स्थान बना दिया है। आसनसोल उत्तर एक राजनीतिक रूप से जागरूक निर्वाचन क्षेत्र है, जहां कांग्रेस, वामदल और भाजपा के बीच मुकाबला रहा है।
लोकसभा चुनावों में एक अलग ट्रेंड रहा है, जिसमें भाजपा 2014 और 2019 दोनों में आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र में क्रमशः 24 हजार 964 और 20 हजार 314 वोटों से आगे रही थी। तृणमूल कांग्रेस ने 2024 के आसनसोल आम चुनाव में चार हजार 367 वोटों के मामूली अंतर को बनाए रखने में कामयाब रही। लेफ्ट फ्रंट की गिरावट 2014 के लोकसभा चुनावों के साथ शुरू हुई, जब उसका वोट शेयर घटकर 13.89 प्रतिशत हो गया और तब से यह छह प्रतिशत से कम रहा है, 2019 में 5.10 प्रतिशत और 2024 में 5.81 प्रतिशत रहा। लेफ्ट ने 2021 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा, बल्कि इंडियन सेक्युलर फ्रंट को समर्थन दिया, जिसे सिर्फ 2.32 प्रतिशत वोट मिले। कोलकाता के बाद पश्चिम बंगाल के दूसरे सबसे बड़े शहरी इलाके का हिस्सा होने के बावजूद, इस सीट पर 2011 में 76.81 प्रतिशत, 2016 में 73.68 प्रतिशत, 2019 में 76.31 प्रतिशत, 2021 में 70.04 प्रतिशत और 2024 में हाल ही में सबसे कम 70.88 प्रतिशत के साथ अच्छा वोटिंग रिकॉर्ड किया गया है।
2021 के विधानसभा चुनाव में आसनसोल उत्तर विधानसभा सीट से तृणमूल के उम्मीदवार मलय घटक को 100931 वोट मिले थे। वहीं भाजपा के उम्मीदवार कृष्णनेंदु मुखर्जी को 79821 वोट मिले। शाहीन बाग के तर्ज पर आसनसोल में भी सीआइए के विरोध में हॉट्टन रोड में धरना मंच चल रहा था। आंदोलन को नेतृत्व दे रहे हैं मोहम्मद मुस्तकीम ने भी आरएससी एमजेपी पार्टी से चुनाव लड़ा था। उसे 4471 वोट मिले थे। एआइएम आइएम के उम्मीदवार दानिश अजीज को 1514 वोट मिले थे। 2016 में तृणमूल कांग्रेस के मालिक घटक को 84715 वोट मिले थे भाजपा के निर्मल कर्मकार को 6818 वोट मिले थे तथा कांग्रेस के इंद्राणी मिश्रा को 31892 वोट मिले थे। जबकि नोटा में 2795 वोट पड़ा था। 2016 के मुकाबले 2021 में नोटा में वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई थी।
आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल और भाजपा आमने-सामने
