वाशिंगटन, अमेरिका-इजराइल के ईरान पर 28 फरवरी के सैन्य आक्रमण के
बाद अब होर्मुज स्ट्रेट युद्ध के मैदान में बदलता दिख रहा है। अमेरिका ने
कहा है कि उसकी नौसेना ने मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट में बारूदी सुरंग
बिछाने वाले 16 ईरानी जलयानों को नष्ट कर दिया है। दुनियाभर के लिए तेल
निकासी की दृष्टि से होर्मुज स्ट्रेट सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग है।
सीबीएस
न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन ने पुष्टि की है कि अमेरिका ने
मंगलवार को ईरान की माइन बिछाने वाली 16 नावों को नष्ट कर दिया। यूएस
सेंट्रल कमांड ने विस्तृत जानकारी दी है। कमांड ने कहा कि अमेरिकी सेना ने
मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास बारूदी सुरंग बिछाने वाली कम से कम
16 नावों को तहस-नहस कर दिया।
अमेरिका का सेंट्रल कमांड मध्य पूर्व
(मिडिल ईस्ट) में अमेरिकी सैन्य अभियान की देखरेख कर रहा है। सेंट्रल
कमांड ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "अमेरिकी सेना ने 10 मार्च को
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास 16 माइन बिछाने वाली नावों सहित कई ईरानी नेवी
के जहाजों को नष्ट कर दिया।" पेंटागन और सेंट्रल कमांड के इस दावे के कुछ
घंटे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल ट्रुथ पोस्ट में यह
संख्या 10 बताई थी। इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि ईरान
होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरंग बिछाने की तैयारी कर रहा है।
क्या होते हैं सैन्य जलयान
इनके
माध्यम से समुद्री क्षेत्र में बारूदी सुरंग बिछाई जाती हैं। इनको माइन
बिछाने वाली नाव या बोट भी कहा जाता है। इनका उपयोग दुश्मन के जहाजों और
पनडुब्बियों के रास्ते में विस्फोटक सुरंगें बिछाकर समुद्री रास्तों को
असुरक्षित बनाने या किसी विशेष क्षेत्र (जैसे बंदरगाह या जलडमरूमध्य) की
रक्षा करने के लिए किया जाता है।
इनका उपयोग रणनीतिक जलमार्गों में
विशेष रूप से दुश्मन के जहाजों की आवाजाही को रोकने के लिए किया जाता है।
यह छोटे आकार की तेज रफ्तार नावों से लेकर बड़े विशेषीकृत जहाजों तक हो
सकते हैं। अमेरिका को आशंका है कि ईरानी नौसेना इन नावों का उपयोग समुद्री
माइन बिछाने के लिए कर रही है। यह नावें वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री
व्यापार के लिए बड़ा खतरा मानी जाती हैं। आधुनिक समय में ऐसी माइन को
स्वचालित नावों या रोबोटिक प्रणाली के माध्यम से भी बिछाया जा सकता है।
अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में बारूदी सुरंग बिछाने वाले 16 ईरानी सैन्य जलयानों को नष्ट किया
