ढाका, बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने पद
संभालने के बाद राष्ट्र के नाम अपने पहले टीवी संबोधन में शांति, कानून का
राज और सभी नागरिकों के लिए समान अधिकारों को अपनी सरकार की सर्वोच्च
प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हर नागरिक को बराबरी का
दर्जा देगी, चाहे उसने किसी भी दल को वोट दिया हो या न दिया हो।
प्रधानमंत्री
ने स्पष्ट किया कि राज्य सभी का है और शासन किसी राजनीतिक दबाव के बजाय
कानून के मुताबिक चलेगा। उनके अनुसार कानून व्यवस्था सुधारना और भ्रष्टाचार
पर सख्त नियंत्रण स्थापित करना जरूरी है ताकि लोगों के मन में सुरक्षा और
भरोसा लौटे।
कानून व्यवस्था और सामाजिक चुनौतियां
तारिक
रहमान ने जुआ और मादक पदार्थों को अव्यवस्था के प्रमुख कारण बताते हुए इनके
खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और निजी
संस्थान स्थापित कानूनों के तहत काम करेंगे और “रूल ऑफ लॉ” ही अंतिम
प्राधिकार होगा।
रमजान और महंगाई पर फोकस
रमजान की शुरुआत के
मौके पर उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि इस महीने को मुनाफाखोरी का
जरिया न बनाया जाए और जरूरी सामान किफायती दामों पर उपलब्ध कराए जाएं।
सरकार ने बाजार में कृत्रिम कमी या सिंडिकेट पर कार्रवाई का संकेत दिया है।
साथ ही इफ्तार, तरावीह और सेहरी के समय गैस, बिजली और पानी की निर्बाध
आपूर्ति के निर्देश भी दिए गए।
उदाहरण पेश करते हुए उन्होंने कहा कि
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पारीट (बीएनपी) के सांसद टैक्स-फ्री गाड़ियां आयात
नहीं करेंगे और न ही विशेष भूखंड लाभ लेंगे।
बुनियादी ढांचा और रोजगार
शहरी
भीड़ कम करने के लिए रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने और परिवहन ढांचे को सुलभ व
सुरक्षित बनाने की योजना का भी ऐलान किया गया। उन्होंने युवाओं को कौशल और
ज्ञान से लैस कर वैश्विक बाजार के लिए तैयार करने पर जोर दिया, खासकर
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में। सरकार ने छात्रों और युवाओं को रोजगार व
कौशल विकास में हर संभव सहयोग देने का वादा किया।
समावेशी राष्ट्र की बात
अपने
संबोधन में उन्होंने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि लोकतंत्र और
नागरिक अधिकारों की बहाली जनता की इच्छा से संभव हुई है। उन्होंने जोर
देकर कहा कि मुस्लिम, हिंदू, बौद्ध, ईसाई—मैदानों और पहाड़ों में रहने वाले
सभी लोग बराबर के नागरिक हैं।
प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि उनका
लक्ष्य आत्मनिर्भर, सुरक्षित, मानवीय और लोकतांत्रिक बांग्लादेश का
निर्माण है और इस सफर में उन्हें जनता के निरंतर सहयोग की जरूरत होगी।
देश के नाम अपने पहले संबोधन में पीएम तारिक रहमान ने शांति, न्याय और समानता का किया वादा
