ओटावा: अमेरिका के साथ कनाडा के रिश्तों में कड़वाहट और बढ़ने
के संकेत मिल रहे हैं। चीन-कनाडा के संभावित व्यापार समझौते पर अमेरिकी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच कनाडा ने देशवासियों को
स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता का देने संदेश दिया है। कनाडा के
प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि कनाडा की अर्थव्यवस्था पर इस समय
बाहरी खतरे को देखते हुए जो हमारे नियंत्रण में है, उसी पर ध्यान देना
होगा।
ट्रंप की धमकियों के बीच कनाडा का देशवासियों से स्वदेशी उत्पाद खरीदने का संदेश
दोनों देशों के बीच ट्रंप के
दोबारा सत्ता में आने के बाद तल्खी तब और बढ़ गई जब ट्रंप ने कई बार कनाडा
को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कही। हालांकि पिछले साल कार्नी ने
जब व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात की थी, इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों
में कहा था कि कनाडा बिकाऊ नहीं है। हाल ही में कनाडा के
प्रधानमंत्री ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम पर नए वर्ल्ड ऑर्डर पर चर्चित भाषण
दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि आज की दुनिया बड़ी ताकतों की आपसी होड़
का दौर है। जो नियमों पर चलने वाली अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था थी, वह अब कमजोर
पड़ रही है।
ताकतवर देश वही करते हैं जो वे करना चाहते हैं और छोटे या
कमजोर देशों को उसे झेलना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका का
प्रभुत्व खत्म हो रहा है। कार्नी के वक्तव्य पर ट्रंप ने नाराजगी जाहिर करते हुए कनाडा को बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का भेजा गया न्योता वापस ले लिया। उल्लेखनीय
है कि अमेरिका और कनाडा एक-दूसरे के सबसे बड़े ट्रेड पार्टनर हैं। कनाडा
अपने कुल निर्यात का बड़ा हिस्सा अमेरिका को भेजता है।
