जुम्ला में राप्रपा के ज्ञानेन्द्रबहादुर शाही और रास्वपा की विनिता कठायत में से कम से कम एक सांसद बाहर होगा।
नेपाल में आम चुनाव के बाद सदन में दो तिहाई नए सांसदों का आना तय
काठमांडू: आगामी पांच मार्च को होने वाले चुनाव के बाद गठित होने
वाली प्रतिनिधि सभा में वर्तमान संसद के लगभग दो-तिहाई सांसद दिखाई नहीं
देंगे। पिछले सितंबर महीने में भंग हुई प्रतिनिधि सभा के करीब 170 सांसद इस
बार चुनावी प्रतिस्पर्धा में ही नहीं हैं। हालांकि कुछ निर्वाचन
क्षेत्रों में निवर्तमान सांसद आपस में ही चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन यदि
चुनाव मैदान में उतरे निवर्तमान सांसदों में से अधिकतम संख्या भी जीत जाए,
तब भी नई बनने वाली प्रतिनिधि सभा में प्रत्यक्ष और समानुपातिक प्रणाली से
दो-तिहाई से अधिक नए चेहरे आने लगभग तय माने जा रहे हैं। संघीय संसद
के पूर्व महासचिव मनोहरप्रसाद भट्टराई के अनुसार उम्मीदवारों और उनकी
पृष्ठभूमि देखने पर स्पष्ट होता है कि लगभग दो-तिहाई नए उम्मीदवार
निर्वाचित होंगे। जो अभी चुनाव लड़ रहे हैं, उनमें से भी सभी निवर्तमान
सांसदों के जीतने की कोई गारंटी नहीं है। कई तो चुनाव से ही बाहर हो
जाएंगे, जिससे नए चेहरों की संख्या और बढ़ सकती है।
जुम्ला,
झापा–2, सर्लाही–4 और धनुषा–3 में एक से अधिक निवर्तमान सांसद आपस में ही
मुकाबला कर रहे हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों से केवल एक-एक सांसद ही
निर्वाचित होंगे और कम से कम 6 निवर्तमान सांसद संसद से बाहर हो जाएंगे।
झापा–2
में निवर्तमान सभामुख देवराज घिमिरे, कांग्रेस की समानुपातिक सांसद सरिता
प्रसाईं और निवर्तमान उपसभामुख इन्दिरा रानामगर चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें
से दो सांसद हार जाएंगे।
