पूर्वी
सिंहभूम: जमशेदपुर के साकची थाना क्षेत्र में सामने आए
चर्चित निवेश घोटाले के मामले में अदालत के निर्देश पर एक नई प्राथमिकी
दर्ज की गई है। इस एफआईआर में बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा, चंकी पांडेय, शक्ति
कपूर, गायक व अभिनेता मनोज तिवारी समेत मेक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड
कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह को आरोपित
बनाया गया है। कंपनी के दोनों निदेशक पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं।
जमशेदपुर निवेश घोटाला: फिल्मी सितारों समेत 6 के खिलाफ अदालत के आदेश पर नई एफआईआर
साकची
थाना प्रभारी आनंद मिश्रा ने शनिवार को नई एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि
करते हुए बताया कि यह मामला अदालत के आदेश के बाद दर्ज किया गया है, जिससे
अब जांच को और तेज किया जाएगा। थाना प्रभारी ने बताया कि यह मामला
बर्मामाइंस थाना क्षेत्र निवासी जसपाल सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने मेक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड की निवेश
योजना से प्रभावित होकर करीब आठ लाख रुपये कंपनी में निवेश किए थे।
कंपनी
ने उन्हें 15 प्रतिशत प्रतिमाह तक रिटर्न देने का भरोसा दिलाया था।
हालांकि, निवेश के बाद न तो उन्हें मूलधन वापस मिला और न ही किसी प्रकार का
ब्याज दिया गया। बार-बार संपर्क करने के बावजूद कंपनी की ओर से कोई
संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने कानूनी कार्रवाई का रास्ता
अपनाया। शिकायतकर्ता जसपाल सिंह का कहना है कि कंपनी के
प्रचार-प्रसार और बड़े पैमाने पर आयोजित भव्य कार्यक्रमों में नामी फिल्मी
कलाकारों की मौजूदगी देखकर उन्हें कंपनी पर भरोसा हुआ।
इन आयोजनों में बड़े
मंच, चमक-दमक और मशहूर हस्तियों के भाषणों के जरिए आम लोगों को निवेश के
लिए प्रेरित किया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन
कार्यक्रमों में कलाकारों ने मंच साझा किया और कंपनी की योजनाओं की सराहना
की, जिससे निवेशकों को यह विश्वास हुआ कि कंपनी पूरी तरह विश्वसनीय है। पुलिस
रिकॉर्ड के अनुसार, मेक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ इससे पहले भी
साकची थाना में धोखाधड़ी से संबंधित मामला दर्ज किया जा चुका है।
अब अदालत
के आदेश पर दर्ज हुई नई एफआईआर से इस मामले में जांच की दिशा एक बार फिर
सक्रिय हो गई है। कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह और उनकी पत्नी
प्रियंका सिंह को करीब एक वर्ष पूर्व बिहार के वैशाली जिले से गिरफ्तार
किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। उन पर
बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और निवेशकों की गाढ़ी कमाई हड़पने के
गंभीर आरोप हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, मेक्सीजोन टच प्राइवेट
लिमिटेड पर 600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हड़पने का संदेह है। बताया
जाता है कि इस कथित घोटाले से 25 हजार से ज्यादा निवेशक प्रभावित हुए हैं।
कंपनी का मुख्य कार्यालय जमशेदपुर के साकची इलाके में स्थित था, जहां से
पूरे नेटवर्क का संचालन किया जाता था। पुलिस ने बताया कि ताजा
एफआईआर में नामजद सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत
की जाएगी।
खासतौर पर यह जांच की जाएगी कि नामी कलाकार केवल ब्रांड प्रमोशन
तक सीमित थे या उन्होंने निवेश के लिए सीधे तौर पर लोगों को प्रोत्साहित
किया। इसके लिए जांच एजेंसियां कार्यक्रमों के वीडियो फुटेज, विज्ञापन
सामग्री, कंपनी और कलाकारों के बीच हुए अनुबंध, भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड और
बैंक लेनदेन की गहन पड़ताल कर सकती हैं। फिलहाल अदालत के संज्ञान
में आने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। आगे की कार्रवाई
जांच रिपोर्ट, उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर तय की जाएगी।
इस मामले पर निवेशकों और आम जनता की निगाहें अब जांच एजेंसियों की अगली
कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
