कानपुर,। देशभर में चैत्र नवरात्रि का पर्व बड़े ही धूमधाम से
मनाया जा रहा है। शहर में ऐसे तमाम देवी मंदिर हैं। जो अपनी प्राचीन
मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। इन्हीं में से एक हटिया इलाके में स्थापित
करीब 110 साल प्राचीन बुद्धा देवी का मंदिर है, जिसकी खासियत यह है कि यहां
पर देवी के समक्ष प्रसाद के रूप में हरी सब्जियां चढ़ाई जाती हैं। ऐसी
मान्यता है कि हरी सब्जियां चढ़ाने से भक्तों का परिवार भी हरा भरा रहता
है। बाकी मंदिरों की तरह यहां की देखरेख कोई पुजारी नहीं बल्कि रघुवीर माली
करते हैं। गुरुवार उन्होंने मंदिर को लेकर कई अहम जानकारियां साझा की।
नवरात्रि
के दिनों में देवी मां के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाती है।
वैसे तो शहर में कई देवी मंदिर है। जिनसे उनका अपना इतिहास भी जुड़ा है।
इन्हीं में से एक हटिया इलाके में स्थापित बुद्धा देवी का मंदिर है। यहां
तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को काफी सकरे रास्ते से होकर सकरे गुजरना
पड़ता है। यहां विशेष तौर पर बुधवार को भक्तों की भारी भीड़ देखी जाती है।
जो नवरात्रि के दिनों में कई गुना बढ़ जाती है। इस मंदिर की खासियत यह है
कि यहां पर आए हुए श्रद्धालु देवी को हरी-भरी सब्जियों जैसे लौकी, भिंडी,
बैगन, नीबू, टमाटर इत्यादि का भोग लगाते हैं।
मंदिर की देखरेख करने
वाले रघुवीर माली ने बताया कि जिस जगह पर यह मंदिर बना हुआ है। सैकड़ो साल
पहले यहां पर सब्जियों का बगीचा हुआ करता था। जिसकी देखरेख उनके पूर्वजों
द्वारा की जाती थी। माली के पूर्वज बुद्धू को लगातार एक सप्ताह तक सपने में
देवी मां आईं और बोली कि मुझे इस बगीचे से बाहर निकालो। बार-बार आ रहे
सपने से परेशान होकर एक दिन आखिरकार उन्होंने देवी की बताई हुई जगह पर
खुदाई शुरू कराई। कई दिनों तक खुदाई करने के बाद देवी की प्राप्ति हुई।
इसके बाद वहीं पर उन्हें स्थापित कर उनका नाम बुद्धा देवी रख दिया गया।
तभी
से देवी को हरी सब्जियां चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है। मंदिर में बड़ी
संख्या में किसान भी देवी को हरी सब्जियों का प्रसाद चढ़ाने आते हैं।
क्योंकि उनका ऐसा मानना है कि देवी के खुश होने से उनकी फसल की पैदावार भी
हरी-भरी होगी।
बुद्धा देवी का ऐसा मंदिर, यहां प्रसाद के रूप में चढ़ाई जाती हैं हरी सब्जियां मंदिर में नही है कोई पुजारी, दशकों से माली परिवार कर रहा है मंदिर की देख-रेख
