महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस का हमला, सरकार पर ‘परिसीमन की साजिश’ का आरोप
गढ़वा। महिला आरक्षण बिल को लेकर गढ़वा जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ओबैदुल्लाह हक अंसारी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण के नाम पर वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन कराने की कोशिश कर रही थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा महिलाओं को वास्तविक आरक्षण देना नहीं, बल्कि इस मुद्दे की आड़ में राजनीतिक लाभ लेना था। भाजपा खुद को महिलाओं का हितैषी साबित करना चाहती है, जबकि इसकी सोच सत्ता हासिल करने तक सीमित है।
जिला अध्यक्ष ने कहा कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में महिला आरक्षण को लेकर गंभीर है, तो वर्ष 2023 में सर्वसम्मति से पारित विधेयक को तुरंत लागू करे। उन्होंने सुझाव दिया कि लोकसभा की 543 सीटों में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की दिशा में 2029 के आम चुनाव तक ठोस कदम उठाए जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि मोदी-शाह की जोड़ी ने देश की आधी आबादी को ढाल बनाकर परिसीमन के जरिए लोकतंत्र, संविधान और संघवाद को कमजोर करने का प्रयास किया है। विपक्ष ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि जनगणना के बाद परिसीमन और फिर महिला आरक्षण लागू किया जाए, लेकिन सरकार ने इसमें बदलाव करने की कोशिश की।
अंसारी ने एससी-एसटी की तर्ज पर ओबीसी वर्ग को भी संसद और विधानसभा में आरक्षण देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जनगणना के बाद विभिन्न वर्गों की वास्तविक संख्या सामने आएगी, जिससे आरक्षण की मांग और मजबूत होगी।
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक की आड़ में भाजपा सरकार का परिसीमन का खेल अब उजागर हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर जो राजनीतिक गणित तैयार किया गया था, उसे यूपीए गठबंधन ने समझ लिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष खुर्शीद आलम, जिला सचिव बिमला देवी, युवा जिला अध्यक्ष ऋषभ चंद्रवंशी, मोसाहिद हुसैन, अफसर आलम, गौतम कुमार, विकास कुमार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
