बरेली, शहर के बाजारों में गुरुवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नगर निगम बरेली की टीम बकाया संपत्ति कर वसूली के लिए दस्तक देती नजर आई। साहूकारा से लेकर परसाखेड़ा, सिकलापुर और कटरा चांद खां तक एक-एक कर शटर गिरते गए और निगम की सील चिपकती चली गई। जिन व्यापारियों ने तय समय सीमा के भीतर बकाया जमा नहीं किया, उनके प्रतिष्ठानों पर सीधे ताला जड़ दिया गया।
पहले नोटिस, फिर सख्ती और सीधे सील
निगम सूत्रों के मुताबिक कई बार नोटिस भेजे गए, चेतावनी दी गई, लेकिन जब रकम जमा नहीं हुई तो कार्रवाई तय थी। जोन-01 में आठ, जोन-02 में चार और जोन-03 में पांच व्यावसायिक संपत्तियों को सील कर दिया गया। टीम जब मौके पर पहुंची तो कुछ जगहों पर हड़बड़ी में रकम जुटाने की कोशिश भी हुई, लेकिन जहां भुगतान नहीं हुआ, वहां सीलिंग में कोई नरमी नहीं दिखाई गई।
दिलचस्प यह रहा कि सख्ती का असर तुरंत दिखा। सीलिंग अभियान के दौरान ही कई बकायेदारों ने बकाया जमा कराया और कुल 12,89,662 रुपये की राशि नगर निगम कोष में जमा हुई। निगम अधिकारियों का कहना है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है, जिन्होंने अब भी कर नहीं चुकाया है, उनकी सूची अलग से तैयार है।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पी.के. द्विवेदी ने साफ कहा कि बकाया संपत्ति कर की वसूली के लिए अभियान अब रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा नोटिस के बाद भी भुगतान न करने वालों पर नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी। निगम ने सभी भवन और संपत्ति स्वामियों को स्पष्ट संदेश दिया है, या तो बकाया जमा करें, या फिर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। शहर में अब कर वसूली को लेकर ढिलाई नहीं, सीधे सख्ती का दौर शुरू हो चुका है।
टैक्स बकायेदारों पर निगम का शिकंजा: बाजारों में पहुंची टीम, 17 जगह सील,12.89 लाख की ऑन-द-स्पॉट वसूली
