बांदा, आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय की संयुक्त टीमों ने
बुधवार सुबह उत्तर प्रदेश के बांदा शहर में कई बड़े कारोबारियों और
ठेकेदारों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह कार्रवाई कथित मनी
लॉन्ड्रिंग और काले धन से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है।
प्रारंभिक
जानकारी के मुताबिक, उप आयकर निदेशक ऋषिराज सिंह के नेतृत्व में आईटी और
ईडी की टीमें सुबह लगभग 8 बजे बांदा पहुंचीं और अलग-अलग स्थानों पर एक साथ
कार्रवाई शुरू कर दी। टीमों ने संबंधित प्रतिष्ठानों और आवासों में मौजूद
दस्तावेजों, खातों और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड की गहन जांच में जुट गई।
इस कार्रवाई से शहर के बालू से जुड़े कारोबारियों में हलचल मच गई।
छापेमारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए संबंधित स्थानों पर भारी
पुलिस बल तैनात किया गया है। जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो, इसके लिए किसी
भी व्यक्ति के अंदर आने या बाहर जाने पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
जिन
प्रमुख कारोबारियों और ठेकेदारों के यहां जांच की कार्रवाई चल रही है,
उनमें बिजली विभाग के ठेकेदार हिम्मत सिंह, महाराणा प्रताप चौराहे के पास
स्थित अवनी परिधि अस्पताल के संचालक अज्ञात गुप्ता, मौरंग व्यवसायी सीरज
ध्वज सिंह और शिवशरण सिंह, पेट्रोल पंप व्यवसायी भाजपा नेता दिलीप सिंह तथा
भाजपा नेता और पूर्व विधायक दलजीत सिंह समेत कई नाम शामिल बताए जा रहे
हैं। इन सभी के आवास और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर जांच टीमें मौजूद हैं
और विस्तृत पड़ताल की जा रही है।
बताते चले की दलजीत सिंह कांग्रेस
के विधायक रह चुके हैं और वर्तमान समय भारतीय जनता पार्टी में है। सीरज
ध्वज सिंह समाजवादी पार्टी के टिकट से बांदा सदर सीट से चुनाव लड़ चुके
हैं। वही, दिलीप सिंह बहुजन समाज पार्टी से हमीरपुर लोकसभा से चुनाव लड़
चुके हैं। वर्तमान समय वह भी भाजपा में है। इनमें ज्यादातर मौरंग व्यवसाय
से जुड़े लोग शामिल है।
बांदा में आयकर और ईडी का कई कारोबारियों-ठेकेदारों के ठिकानों पर छापा
