बरेली, बोर्ड परीक्षा के दिन जहां छात्राओं की आंखों में
सफलता के सपने थे, वहीं स्कूल गेट पर ही वे टूट गए। भुता क्षेत्र के
गंगापुर डभौरा गांव स्थित सहोद्रा देवी इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट व
हाईस्कूल की कई छात्राएं बुधवार को परीक्षा नहीं दे सकीं। आरोप है कि पूरी
फीस जमा करने के बावजूद प्रधानाचार्य ने प्रवेश पत्र जारी नहीं किए। मामला
बढ़ने पर छात्राएं अभिभावकों के साथ थाने पहुंचीं, जहां पुलिस ने आरोपित
प्रधानाचार्य को हिरासत में ले लिया।
छात्राओं व परिजनों का कहना है
कि सत्र की शुरुआत में ही निर्धारित फीस जमा करा दी गई थी। आरोप है कि
प्रधानाचार्य कमलेश कुमार ने हाईस्कूल छात्राओं से 4500 रुपये और
इंटरमीडिएट छात्राओं से 7200 रुपये वसूले, लेकिन बार-बार मांगने के बावजूद
प्रवेश पत्र नहीं दिए। बुधवार को हिंदी विषय की बोर्ड परीक्षा थी। छात्राएं
परीक्षा केंद्र पहुंचीं, मगर प्रवेश पत्र न होने के कारण उन्हें कक्ष में
प्रवेश नहीं मिला। इससे उनका एक वर्ष दांव पर लग गया।
विरोध करने पर
छात्राओं ने प्रधानाचार्य पर अभद्रता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि
प्रवेश पत्र मांगने पर उन्हें धक्का देकर स्कूल से बाहर निकाल दिया गया और
जान से मारने की धमकी भी दी गई। कक्षा 12 की छात्राएं प्रियंका व नैंसी तथा
हाईस्कूल की छात्राएं चांदनी, कुसुम, मोहिनी और खुशी अभिभावकों के साथ
भुता थाने पहुंचीं और तहरीर दी।
छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि
कॉलेज में इस तरह की शिकायत पहले भी सामने आ चुकी है और अन्य छात्राओं के
प्रवेश पत्र भी रोके गए हैं। घटना से गांव व आसपास के क्षेत्र में रोष है।
प्रभारी
निरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली
गई है। प्रधानाचार्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले की
गंभीरता से जांच की जा रही है।
बोर्ड परीक्षा जैसे अहम मौके पर
प्रवेशपत्र रोकने की घटना ने निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली और शिक्षा
विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब अभिभावकों की नजर
कार्रवाई और छात्राओं को परीक्षा का अवसर दिलाने पर टिकी है।
फीस वसूलकर रोके प्रवेश पत्र, परीक्षा से वंचित रहीं छात्राएं; प्रधानाचार्य हिरासत में
