नई
दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज शौर्य और
मानवता के मूल्यों को रेखांकित करते हुए एक प्रेरणादायी संस्कृत श्लोक साझा
किया। उन्होंने कहा कि सच्चा पराक्रम दूसरों के प्राणों की रक्षा में
निहित होता है, न कि उन्हें हर लेने में। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स
पोस्ट पर लिखा, “एतदेव परं शौर्यं यत् परप्राणरक्षणम्। नहि प्राणहरः शूरः
शूरः प्राणप्रदोऽर्थिनाम्॥” इस श्लोक के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया
कि जो दूसरों की रक्षा करता है वही वास्तविक शूरवीर होता है, जबकि प्राण
हरने वाला कभी वीर नहीं कहलाता। प्रधानमंत्री ने इसे भारतीय संस्कृति और
परंपरा की आत्मा बताते हुए कहा कि हमारा देश सदैव करुणा, सेवा और संरक्षण
के मार्ग पर चला है।

