नई
दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में पिछले कारोबारी सप्ताह के
दौरान हुई खरीद-बिक्री के दौरान वैश्विक दबाव के कारण बीएसई की टॉप 10
मोस्ट वैल्यूड कंपनियों में से नौ के मार्केट कैप में 2.51 लाख करोड़ रुपये
से अधिक की कमी हो गई। इनमें सबसे अधिक नुकसान रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ।
दूसरी ओर, टॉप 10 कंपनियों में से सिर्फ एक कंपनी के मार्केट कैप में 12
हजार करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हो गई।
टॉप 10 में शामिल 9 कंपनियों के मार्केट कैप में 2.51 लाख करोड़ की गिरावट, रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे ज्यादा नुकसान
पिछले सप्ताह के
कारोबार के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, टाटा कंसल्टेंसी
सर्विसेज (टीसीएस), भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस,
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और लार्सन एंड टूब्रो के मार्केट कैप में
2,51,711.60 करोड़ रुपये की कमी हो गई। दूसरी ओर, हिंदुस्तान यूनिलीवर के
मार्केट कैप में 12,311.86 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हो गई।
19 से 23
जनवरी 2026 के बीच हुए कारोबार के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप
96,960.17 करोड़ रुपये फिसल कर 18,75,533.04 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच
गया। इसी तरह आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 48,644.99 करोड़ रुपये लुढ़क
कर 9,60,825.29 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक
का मार्केट कैप 22,923.02 करोड़ रुपये घट कर 14,09,611.89 करोड़ रुपये के
स्तर पर, भारती एयरटेल का मार्केट कैप 17,533.97 करोड़ रुपये की गिरावट के
साथ 11,32,010.46 करोड़ रुपये के स्तर पर,
टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज
(टीसीएस) का मार्केट कैप 16,588.93 करोड़ रुपये घट कर 11,43,623.19 करोड़
रुपये के स्तर पर, लार्सन एंड टूब्रो का मार्केट कैप 15,248.32 करोड़ रुपये
की कमजोरी के साथ 5,15,161.91 करोड़ रुपये के स्तर पर, बजाज फाइनेंस का
मार्केट कैप 14,093.93 करोड़ रुपये कम होकर 5,77,353.23 करोड़ रुपये के
स्तर पर, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का मार्केट कैप 11,907.50 करोड़ रुपये
फिसल कर 9,50,199.77 करोड़ रुपये के स्तर पर और इंफोसिस का मार्केट कैप
7,810.77 करोड़ रुपये की कमजोरी के साथ 6,94,078.82 करोड़ रुपये के स्तर पर
आ गया।
दूसरी ओर, पूरे सप्ताह शेयर बाजार की कमजोरी और वैश्विक
दबाव के बावजूद हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर अपनी मजबूती बनाए रखने में सफल
रहे। इस सप्ताह के कारोबार के बाद हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप
12,311.86 करोड़ रुपये की उछाल के साथ 5,66,733.16 करोड़ रुपये के स्तर पर
पहुंच गया। मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज
18,75,533.04 करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) के साथ देश की
सबसे मूल्यवान कंपनी रही। इसके बाद एचडीएफसी बैंक (कुल मार्केट कैप
14,09,611.89 करोड़ रुपये), टीसीएस (कुल मार्केट कैप 11,43,623.19 करोड़
रुपये), भारती एयरटेल (कुल मार्केट कैप 11,32,010.46 करोड़ रुपये),
आईसीआईसीआई बैंक (कुल मार्केट कैप 9,60,825.29 करोड़ रुपये), स्टेट बैंक ऑफ
इंडिया (कुल मार्केट कैप 9,50,199.77 करोड़ रुपये), इंफोसिस (कुल मार्केट
कैप 6,94,078.82 करोड़ रुपये), बजाज फाइनेंस (कुल मार्केट कैप 5,77,353.23
करोड़ रुपये), हिंदुस्तान यूनिलीवर (कुल मार्केट कैप 5,66,733.16 करोड़
रुपये) और लार्सन एंड टूब्रो (कुल मार्केट कैप 5,15,161.91 करोड़ रुपये) के
नाम सबसे मूल्यवान टॉप 10 कंपनियों के लिस्ट में दूसरे से दसवें स्थान पर
बने रहे।
