नई
दिल्ली: लॉजिस्टिक सर्विस देने वाली कंपनी शैडोफैक्स का
1,907.27 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया।
इस आईपीओ में 22 जनवरी तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद
23 जनवरी को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 27 जनवरी को अलॉटेड शेयर
डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 28 जनवरी को बीएसई
और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। आईपीओ ओपन होने के बाद दोपहर 1:30 बजे तक
इसको 21 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।
इस आईपीओ में बोली लगाने
के लिए 118 रुपये से लेकर 124 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया
गया है, जबकि लॉट साइज 120 शेयर का है। शैडोफैक्स के इस आईपीओ में रिटेल
इनवेस्टर्स कम से कम 1 लॉट यानी 120 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं,
जिसके लिए उन्हें 14,880 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर
ज्यादा से ज्यादा 13 लॉट यानी 1,560 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं,
जिसके लिए उन्हें 1,93,440 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10
रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 18,10,45,160 शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें 1,000
करोड़ रुपये के 8,06,45,161 नए शेयर और 907 करोड़ रुपये के 7,31,66,935
शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।
इस आईपीओ में
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत
हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए अधिकतम 10
प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए अधिकतम 15
प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज
लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है। वहीं केफिन टेक्नोलॉजीज
लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की
बात करें तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत
लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 142.64 करोड़ रुपये
का शुद्ध घाटा हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 11.88 करोड़
रुपये रह गया। 2024-25 में कंपनी मुनाफे में आ गई। इस साल कंपनी को 6.06
करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी
अप्रैल से 30 सितंबर 2025 के अंत तक कंपनी को 21.04 करोड़ रुपये का शुद्ध
लाभ हो चुका है।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार
बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 1,422.89 करोड़ का कुल राजस्व
प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 1,896.48 करोड़ और वित्त
वर्ष 2024-25 में उछल कर 2,514.66 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा
वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 के अंत तक कंपनी को
1,819.80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
इस अवधि में
कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के
अंत में कंपनी पर 66.69 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष
2023-24 में घट कर 40.33 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर
132.33 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही के
अंत यानी 30 सितंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 147.44 करोड़ रुपये
के स्तर पर आ गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट,
टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) की बात करें तो 2022-23 में कंपनी
113.47 करोड़ रुपये के ओवरऑल नुकसान में थी, लेकिन 2023-24 में कंपनी की
अर्निंग में सुधार हुआ जिसके कारण ईबीआईटीडीए 11.37 करोड़ रुपये के स्तर पर
और फिर 2024-25 में बढ़ कर 56.19 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं
मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी 30 सितंबर 2025 तक ये 64.34 करोड़
रुपये के स्तर पर आ गया था।