नई
दिल्ली: स्टील फाइबर प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी कस्तूरी
मेटल कंपोजिट लिमिटेड का 17.61 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के
लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 29 जनवरी तक बोली लगाई जा सकती है।
इश्यू की क्लोजिंग के बाद 30 जनवरी को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि
दो फरवरी को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी
के शेयर तीन फरवरी को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल
बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 47.38 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके
अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.28 प्रतिशत हिस्सा, नॉन इंस्टीट्यूशनल
इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.32 प्रतिशत हिस्सा और मार्केट मेकर्स के लिए
5.01 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए हेम सिक्योरिटीज लिमिटेड
को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट
लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं हेम फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड
कंपनी का मार्केट मेकर है।
इसी तरह
ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड
एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 3.97 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में
बढ़ कर 5.40 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए
5.69 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही
यानी अप्रैल से सितंबर 2025 तक ये 4.80 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।
सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुआ कस्तूरी मेटल का आईपीओ , तीन फरवरी को हो सकती है लिस्टिंग
इस
आईपीओ में बोली लगाने के लिए 61 रुपये से लेकर 64 रुपये प्रति शेयर का
प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 2,000 शेयर का है। कस्तूरी मेटल
कंपोजिट लिमिटेड के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट में चार हजार
शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,56,000 रुपये का निवेश
करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27.52 लाख नए शेयर
जारी हो रहे हैं।
आईपीओ खुलने से एक कारोबारी दिन पहले यानी पिछले
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन 23 जनवरी को कस्तूरी मेटल कंपोजिट लिमिटेड ने
चार एंकर इनवेस्टर्स से पांच करोड़ रुपये जुटाए। इन एंकर इनवेस्टर्स में
एलआरएसडी सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड, राजस्थान ग्लोबल सिक्योरिटीज
प्राइवेट लिमिटेड, टाइगर स्ट्रेटजिक फंड और इनोवेटिव विजन फंड जैसे प्रमुख
नाम एंकर बुक में शामिल हैं।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो
कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग
प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत
लगातार मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 1.49 करोड़
रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2.35
करोड़ रुपये हो गया। वहीं वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का शुद्ध लाभ घट कर
2.07 करोड़ रुपये रह गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से
सितंबर 2025 तक की अवधि में कंपनी को 2.47 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो
चुका है।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी
हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 37.37 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ,
जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 50.20 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में
उछल कर 57.22 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली
छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 तक की अवधि में कंपनी को 32.29 करोड़
रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में
मामूली उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 6.24 करोड़ रुपये
के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 11.28 करोड़ रुपये हो गया। वहीं
2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस मामूली गिरावट के साथ 10.12 करोड़
रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से
सितंबर 2025 तक ये 12.55 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
