इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज
के बोझ में लगातार बढ़ोतरी होती गई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी
पर 5.94 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर
22.43 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 24.73 करोड़ रुपये के
स्तर पर आ गया। हालांकि मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी सितंबर 2025
के अंत तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ घट कर 19.21 करोड़ रुपये के स्तर पर आ
गया था।
नर्मदेश ब्रास ने आईपीओ निवेशकों को दिया झटका, कमजोर लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट
नई
दिल्ली: ब्रास मैन्युफैक्चरिंग कंपनी नर्मदेश ब्रास
इंडस्ट्रीज के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में गिरावट के साथ एंट्री करके
अपने आईपीओ निवेशकों को झटका दे दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 515
रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी
लिस्टिंग 3.88 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 495 रुपये के स्तर पर हुई। कमजोर
लिस्टिंग के बाद बिकवाली के दबाव में ये शेयर गिरकर 470.25 रुपये के लोअर
सर्किट लेवल तक पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के
आईपीओ निवेशकों को 8.69 प्रतिशत का नुकसान हो गया।
नर्मदेश ब्रास
इंडस्ट्रीज का 44.87 करोड़ रुपये का आईपीओ 12 से 16 जनवरी के बीच
सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका
रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.25 गुना सब्सक्राइब हो सका था।
इनमें नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में
1.92 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व
पोर्शन सिर्फ 0.44 गुना ही सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये
फेस वैल्यू वाले कुल 8,71,200 शेयर जारी किए गए हैं।
इनमें 34 करोड़ रुपये
के 6,55,200 नए शेयर और नौ करोड़ रुपये के 1,70,400 शेयर ऑफर फॉर सेल
विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल
कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों
में करेगी। कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट
रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस
(डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव
होता रहा है।
वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 89 लाख रुपये का शुद्ध लाभ
हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 7.10 करोड़ रुपये हो गया।
इसके बाद वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का शुद्ध लाभ घट कर 5.72 करोड़
रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी
अप्रैल से 30 सितंबर 2025 की अवधि में कंपनी को 4.01 करोड़ रुपये का शुद्ध
लाभ हो चुका है।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में मजबूती बनी
रही। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 60.09 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ,
जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 79.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में
उछल कर 88.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली
छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 की अवधि में कंपनी को 34.21 करोड़
रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
