इसी
तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड
एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 1.31 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में
बढ़ कर 11.48 करोड़ रुपये हो गया। साल 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए घट
कर 9.48 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली
छमाही के अंत यानी सितंबर 2025 तक ये 5.72 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
जीआरई रीन्यू इनरटेक ने आईपीओ निवेशकों को किया निराश, कमजोर लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट
नई
दिल्ली: सोलर एनर्जी सेक्टर में काम करने वाली कंपनी
जीआरई रीन्यू इनरटेक के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में गिरावट के साथ
एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को काफी निराश किया। आईपीओ के तहत कंपनी
के शेयर 105 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म
पर इसकी लिस्टिंग 10.47 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 96 रुपये के स्तर पर
हुई। कमजोर लिस्टिंग के बाद बिकवाली के दबाव में ये शेयर गिरकर 91.20 रुपये
के लोअर सर्किट लेवल तक पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही
कंपनी के आईपीओ निवेशकों को 12.96 प्रतिशत का नुकसान हो गया।
जीआरई
रीन्यू इनरटेक का 39.56 करोड़ रुपये का आईपीओ 13 से 16 जनवरी के बीच
सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा
रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 16.53 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन
14.69 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स
(एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 24.67 गुना सब्सक्रिप्शन आया था।
इसी
तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 14.10 गुना सब्सक्राइब हो सका
था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 37.68 लाख नए शेयर जारी
किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग
कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी। कंपनी
की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास
जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे
के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है।
वित्त वर्ष
2022-23 में कंपनी को 89 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त
वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 9.91 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2024-25 में
कंपनी का शुद्ध लाभ घट कर 7.03 करोड़ रुपये रह गया। मौजूदा वित्त वर्ष की
पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 में कंपनी को चार करोड़ रुपये का
शुद्ध लाभ हो चुका है। इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी
में मामूली उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 53.11 करोड़
का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 92.15 करोड़
और वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 84.37 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 में कंपनी को
43.98 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। इस अवधि में कंपनी
के कर्ज में भी लगातार कमी आई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर
4.75 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 4.57
करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में फिसल कर 1.59 करोड़ रुपये के स्तर
पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही के अंत यानी 30 सितंबर तक कंपनी
पर लदे कर्ज का बोझ 1.45 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि
में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में
ये 9.89 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 19.78 करोड़
रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 20.71 करोड़
रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल
से सितंबर 2025 तक ये 24.70 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
