सारण: जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था को
चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से बीती रात जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव एवं
वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार ने संयुक्त रूप से सदर अस्पताल का औचक
निरीक्षण किया। अधिकारियों की इस अचानक कार्रवाई से अस्पताल परिसर में
मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों और अवैध एंबुलेंस संचालकों के बीच हड़कंप मच गया।
निरीक्षण की शुरुआत अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार से हुई ,जहाँ
अक्सर अवैध एंबुलेंसों के जमावड़े और दलालों की सक्रियता की शिकायतें मिल
रही थीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम और एसएसपी ने सख्त
रुख अपनाया। मौके से 12 अवैध एंबुलेंसों को जब्त किया गया। मोटर वाहन
अधिनियम के उल्लंघन को लेकर इन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 3,36,000 रुपये
का जुर्माना ठोका गया। इसके साथ ही, एंबुलेंस चालकों को हिरासत में लेकर
उनके विरुद्ध विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अस्पताल परिसर
स्थित मातृ शिशु अस्पताल के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी
लापरवाही सामने आई।
ड्यूटी रोस्टर के अनुसार डॉ शिवचंद्रा और डॉ सीमा कुमारी
को तैनात होना था, लेकिन वे नदारद मिलीं और उनके स्थान पर डॉ निशा कुमारी
ड्यूटी कर रही थीं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि
अस्पताल में चिकित्सक रोस्टर की अनदेखी कर अपनी मनमानी से ड्यूटी कर रहे
हैं। इस घोर अनुशासनहीनता पर जिलाधिकारी ने दोनों अनुपस्थित चिकित्सकों से
स्पष्टीकरण मांगा है और भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी दी है।
अस्पताल की
सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को लेकर डीएम और एसएसपी ने कई महत्वपूर्ण निर्णय
लिए जिनमें मुख्य प्रवेश द्वार के समीप भवन में अविलंब स्थायी पुलिस चेक
पोस्ट शुरू करने का आदेश दिया गया। मातृ शिशु अस्पताल के प्रवेश द्वार पर
तत्काल एक सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष स्थापित करने का निर्देश मिला। पूरे
परिसर में पी ए सिस्टम लगाई जाएगी ताकि आपात स्थिति में सूचनाओं का
आदान-प्रदान और भीड़ नियंत्रण प्रभावी ढंग से हो सके।

