पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के तरलाई इलाके स्थित एक इमामबाड़े में शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान हुए विस्फोट में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 80 से अधिक लोग घायल हो गए। विस्फोट के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस व रेस्क्यू 1122 की टीमें तुरंत राहत और बचाव कार्य में जुट गईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला उस समय हुआ जब उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोएव पाकिस्तान के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर थे। इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी पुलिस के प्रवक्ता तकी जवाद ने कहा कि विस्फोट की प्रकृति के बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। फोरेंसिक टीमें जांच के बाद तय करेंगी कि यह आत्मघाती हमला था या प्लांटेड बम विस्फोट। संसदीय मामलों के मंत्री तारिक फजल चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे कायरतापूर्ण कृत्य बताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आतंकी हमले राष्ट्र के हौसले को कमजोर नहीं कर सकते और शांति व स्थिरता के लिए सभी को एकजुट रहना होगा। गौरतलब है कि पिछले वर्ष नवंबर में भी इस्लामाबाद के जी-11 इलाके में जिला अदालत के बाहर हुए आत्मघाती विस्फोट में 12 लोगों की मौत हुई थी और 30 से अधिक लोग घायल हुए थे।

