सघन मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तृतीय चरण के तहत खूंटी जिले के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से शनिवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण रेफरल अस्पताल, तोरपा में रनिया और तोरपा प्रखंडों में कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य स्वयंसेवकों के लिए आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों को मलेरिया की रोकथाम, पहचान और समय पर उपचार के बारे में जागरूक और प्रशिक्षित करना था। इसके माध्यम से स्वयंसेवकों की क्षमता को सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को मलेरिया के प्रति जागरूक कर सकें और बीमारी के उन्मूलन में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
प्रशिक्षण के दौरान मलेरिया के लक्षणों की पहचान, जांच की प्रक्रिया, समय पर दवा उपलब्ध कराने तथा मच्छरों से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही स्वयंसेवकों को यह भी बताया गया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों को मच्छरदानी के उपयोग, साफ-सफाई बनाए रखने और बुखार होने पर तुरंत जांच कराने के लिए प्रेरित करें।
इस अवसर पर तोरपा की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनुमिता रानी ने स्वयंसेवकों से कहा कि मलेरिया उन्मूलन अभियान में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों से अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम करते हुए लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बीपीएम आशीष वर्मा, वीबीडी विभाग के उदित भेंगरा के अलावा सीनी संस्था के अनिल कुमार, वंदना कुमारी और संदीप भेंगरा भी मौजूद रहे। सभी ने प्रशिक्षण के दौरान मलेरिया नियंत्रण और उन्मूलन के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
खूंटी में मलेरिया उन्मूलन अभियान को लेकर स्वास्थ्य स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण
