पश्चिमी
सिंहभूम: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के घने और
दुर्गम सारंडा जंगल में गुरुवार सुबह सुरक्षाबलों और भाकपा (माओवादी)
नक्सली संगठन के बीच भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई। छोटानागरा थाना क्षेत्र में
हुई इस मुठभेड़ में दोनों ओर से काफी देर तक गोलीबारी होती रही। शुरुआती
जानकारी के अनुसार इस मुठभेड़ में कई माओवादियों के मारे जाने की आशंका
जताई जा रही है। सुरक्षाबलों की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई
है।
मुठभेड़
के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है और बड़े पैमाने पर
सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। आईजी (अभियान) माइकल राज एस ने मुठभेड़ की
पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस और माओवादियों बीच सुबह से मुठभेड़
चल रही है। गौरतलब है कि सारंडा और कोल्हान क्षेत्र लंबे समय से नक्सल
प्रभावित इलाका रहा है। यहां कई बड़े नक्सली नेताओं की सक्रियता बताई जाती
रही है। इनमें मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु और अनल जैसे शीर्ष माओवादी नेताओं
के नाम सामने आते रहे हैं। इसके अलावा असीम मंडल, अजय महतो, सागेन अंगरिया,
अश्विन, पिंटु लोहरा, चंदन लोहरा, अमित हांसदा उर्फ अपटन, जयकांत और रापा
मुंडा भी अपने दस्ता सदस्यों के साथ इस इलाके में सक्रिय बताए जाते हैं।
झारखंड में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़, कई नक्सलियों के मारे जाने की आशंका
बताया जा रहा है कि सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस के वरीय
अधिकारियों को सारंडा के जंगली इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना
मिली थी। इसी सूचना के आधार पर कोबरा, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस की
संयुक्त टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सुरक्षाबल जैसे ही
नक्सलियों के ठिकानों के करीब पहुंचे, खुद को घिरा देख नक्सलियों ने
अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते
हुए जवाबी कार्रवाई की। सुरक्षाबलों को भारी पड़ता देख नक्सली घने जंगल और पहाड़ी इलाके का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
