उल्लेखनीय
है कि ठाकुर रोशन सिंह का जन्म 22 जनवरी 1892 को उत्तर प्रदेश के
शाहजहांपुर के ग्राम नवादा में हुआ था। लखनऊ में काकोरी पुलिस स्टेशन के
नजदीक 9 अगस्त 1925 को ब्रिटिश सरकार के खजाने को लूटा गया था। उसमें ठाकुर
रोशन सिंह सीधे तौर पर शामिल नहीं थे, लेकिन उनको भी 19 दिसंबर 1927 को
प्रयागराज के नैनी सेंट्रल जेल में फांसी की सजा दी गयी थी।
स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर रोशन सिंह की जयंती पर शाह, गडकरी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
नई दिल्ली: केंद्रीय
गृहमंत्री अमित शाह और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी समेत
कई नेताओं ने गुरुवार को स्वतंत्रता सेनानी एवं काकोरी कांड के अमर नायक
ठाकुर रोशन सिंह की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। अमित शाह ने
एक्स पोस्ट में कहा कि अपने शौर्य और साहस से अंग्रेजी हुकूमत की नींव
हिलाने वाले ठाकुर रोशन सिंह ने युवाओं को संगठित कर सशस्त्र क्रांति के
लिए प्रेरित किया। काकोरी ट्रेन कांड के माध्यम से उन्होंने देश के
संसाधनों की लूट के विरुद्ध मुहिम शुरू की।
वंदे मातरम् का जयघोष करते हुए
अपने प्राणों को न्योछावर करने वाले रोशन सिंह हर देशवासी के लिए
राष्ट्ररक्षा की प्रेरणा हैं। गडकरी ने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के
लिए ठाकुर रोशन सिंह ने स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति दी
और आजाद भारत के निर्माण में अमूल्य योगदान दिया। ऐसे वीर सपूत की जयंती पर
विनम्र अभिवादन। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज
सिंह चौहान ने ठाकुर रोशन सिंह का मातृभूमि की स्वाधीनता के लिए अप्रतिम
संघर्ष और बलिदान देशवासियों को सदैव राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता
रहेगा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने
कहा कि ठाकुर रोशन सिंह ने मातृभूमि की सेवा में सर्वस्व न्योछावर कर
युवाओं को देश की आज़ादी के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा दी। उनका बलिदान
सदैव वंदनीय रहेगा। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने
उन्हें मां भारती का वीर सपूत बताते हुए कहा कि उनका संघर्ष और बलिदान आने
वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
